Posts

Showing posts from November, 2019
Image
जंतर मंतर: वैज्ञानिक उन्नति का आयाम    जंतर मंतर को दिल्ली की शान एवं शोभा कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। इस खगोलीय संरचना का वास्तुशिल्प अति दर्शनीय है।     भारत की राजधानी के कनॉट प्लेस के निकट स्थित जंंतर मंतर एक शानदार एवं दर्शनीय वेधशाला है। वेधशाला का निर्माण महाराजा जय सिंह ने वर्ष 1724 में कराया था। यह इमारत प्राचीन भारत की वैज्ञानिक उन्नति की मिसाल है।   हालांकि महाराजा जय सिंह ने जयपुर, उज्जैन, मथुरा एवं वाराणसी में वेधशाला का भव्य दिव्य निर्माण कराया था। दिल्ली स्थित जंतर मंतर वेधशाला काफी कुछ विशिष्टता को दर्शाता है।   दिल्ली का जंतर मंतर वेधशाला वस्तुत: समरकंद की वेधशाला से प्रेरित है। खगोल शास्त्र के अध्ययन एवं अध्यापन को लेकर खास तौर से इस वेधशाला का निर्माण किया गया था।     वेधशाला में ग्रहों की गति मापन के लिए जंतर मंतर पर कई उपकरण स्थापित किये गये हैंं। मसलन सम्राट यंत्र सूर्य की सहायता से समय एवं ग्रहों की जानकारी देता है। इसी प्रकार मिरुा यंत्र वर्ष के सबसे छोटे दिन एवं सब...
Image
रत्नागिरी: अरब सागर की शान एवं शोभा    रत्नागिरी को पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर का शहर कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। अरब सागर की शान एवं शोभा रखने वाला रत्नागिरी अद्भुत एवं विलक्षण है।     रत्नागिरी खास तौर से समुद्र तटों, पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्मारकों, लाइट हाउस सहित असंख्य खूबियां रखता है। समुद्र तट के शौकीन पर्यटकों के लिए रत्नागिरी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। भारत के महाराष्ट्र राज्य का रत्नागिरी शहर प्राकृतिक सौन्दर्य का विशिष्ट आयाम है।    शायद यही कारण है कि रत्नागिरी वैश्विक पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र रहता है। रत्नागिरी समुद्र तटों के साथ ही अल्फांसो आम के लिए दुनिया भर मेें जाना पहचाना जाता है।     अल्फांसो आम को भारतीय आम का राजा भी कहा जाता है। मुम्बई से करीब 350 किलोमीटर एवं पुणे से करीब 308 किलोमीटर दूर स्थित रत्नागिरी वस्तुत: अरब सागर का एक शानदार बंदरगाह शहर है।    महाराष्ट्र के दक्षिण-पश्चिम इलाके में स्थित रत्नागिरी शहर सहयाद्री पर्वतमालाओं से घिरा है। सहयाद्...
Image
थेक्कडी हिल स्टेशन: प्रकृति का एहसास    थेक्कडी हिल स्टेशन को प्रकृति का अनुपम उपहार कहा जाना चाहिए। थेक्कडी हिल स्टेशन को एक मखमली एहसास भी कह सकते हैं।      जी हां, थेक्कडी हिल स्टेशन पर चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा दिखती है। भारत के केरल के इडुक्की जिला का यह सुन्दर हिल स्टेशन अपनी विशिष्ट सुन्दरता के कारण वैश्विक ख्याति रखता है। चौतरफा पर्र्वत श्रंखलाओं का सौन्दर्य पर्यटकों पर एक जादू सा करता है।     आैषधीय वनस्पतियों की सुगंध एवं सौन्दर्य पर्यटकों को मुग्ध कर लेता है। जीवों की विविधिता थेक्कडी हिल स्टेशन की सुन्दरता में चार चांद लगा देती है। इस वन्य जीव अभयारण्य को वस्तुत: हाथियों का शानदार आशियाना कहना चाहिए।     झीलों, झरनों एवं नदियों से आच्छादित थेक्कडी हिल स्टेशन वस्तुत: एक आदर्श एवं रोमांचक अनुभूति प्रदान करता है। समुद्र तल से करीब 3300 फुट की ऊंचाई पर स्थित थेक्कडी हिल स्टेशन एक बेहद रोमांचक पर्यटन क्षेत्र है। नदियों में रॉफ्टिंग करने का अनुभव बेहद रोमांचक होता है। ...
Image
कोट्टापुरम बैकवाटर्स: आनन्द की सुखद अनुभूति    कोट्टापुरम बैकवाटर्स...। जल पर्यटन के शौकीन हैं तो केरल के बैकवाटर्स की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। जी हां, भारत के दक्षिणी प्रांत केरल का बैकवाटर्स टूरिज्म बेहद रोमांचक है।      अरब सागर के सामानांतर झीलों एवं नहरों की एक शानदार एवं लम्बी श्रंखला विद्यमान है। करीब 205 किलोमीटर लम्बा यह जलमार्ग भारत का एक शानदार जल पर्यटन क्षेत्र है। कोल्लम से कोट्टापुरम तक फैला यह बैकवाटर्स प्राकृतिक सौन्दर्य का एक अनुपम संगम है।     खास यह है कि प्राकृतिक एवं कृतिम नहरों का यह एक वृहद संजाल है। इस शानदार बैकवाटर्स में पांच झीलें शामिल हैं। इतना ही नहीं, करीब 38 नदियों के संगम कोट्टापुरम बैकवाटर्स का जल सौन्दर्य अति दर्शनीय है।     विशेषज्ञों की मानें तो केरल के उत्तर-दक्षिण लम्बाई का 50 प्रतिशत हिस्सा कोट्टापुरम बैकवाटर्स से आच्छादित है। कोल्लम से कोट्टापुरम तक फैले इस बैकवाटर्स का इन्द्रधनुषी रंग देखते ही बनता है। लिहाजा पर्यटक कोट्टापुरम बैकवाटर्स पर जल पर्यटन क...
Image
बेम्बनाड बैकवाटर्स : रोमांचक जल पर्यटन     बेम्बनाड बैकवाटर्स को जल पर्यटन का अद्भुत एवं विलक्षण आयाम कहा जाना चाहिए। जी हां, नहरों एवं नदियों का यह सुन्दर संगम अति दर्शनीय एवं रोमांचक है।     भारत के केरल का यह शानदार जल पर्यटन क्षेत्र अति शानदार है। पर्यटक बेम्बनाड बैकवाटर्स पर जल पर्यटन का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।     बेम्बनाड बैकवाटर्स को भारत का एक आदर्श एवं इन्द्रधनुषी पिकनिक स्पॉट भी कहा जा सकता है। वस्तुत: केरल का यह विशाल बैकवाटर्स तीन जिलों तक फैला हुआ है। अलापुझा, एर्नाकुलम एवं कोट्टायम तक फैला बेम्बनाड बैकवाटर्स की यात्रा पर्यटकों को एक शानदार रोमांच से भर देती है।     प्राकृतिक सौन्दर्य का यह अद्भुत संगम वैश्विक पर्यटकों का भी पसंदीदा पर्यटन है। लिहाजा बेम्बनाड बैकवाटर्स का रोमांचक आनन्द लेने के लिए वैश्विक पर्यटकों का आना निरन्तर जारी रहता है।    पर्यटक बेम्बनाड बैकवाटर्स पर बोटिंग, फिशिंग एवं साइटसीकिंग का भी भरपूर आनन्द ले सकते हैं। करीब 96 किलोमीटर की लम्बाई व...