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Showing posts from December, 2019
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चंदेल हिल स्टेशन: बादलों का आशियाना    चंदेल हिल स्टेशन को पर्वतीय सौन्दर्य का इन्द्रधनुषी आयाम कहा जाना चाहिए। जी हां, चौतरफा पर्वत श्रंखलाओं से घिरा चंदेल वस्तुत: एक शानदार छोटा शहर है।     इस शहर में गांव की सोंधी सुगंध का एहसास किया जा सकता है। इसे बादलों का आशियाना भी कह सकते हैं। भारत के मणिपुर का चंदेल वस्तुत: उत्तर-पूर्व दिशा में पहाड़ियों के मध्य रचा-बसा एक सुन्दर शहर है। भारत के पड़ोेसी देश म्यांमार से लगा होने के कारण इसे सीमावर्ती पर्यटन भी कह सकते हैं।   चंदेल का अद्भुत एवं विलक्षण सौन्दर्य पर्यटकों को सम्मोहित कर लेता है। चंदेल पर बादलों की घुमक्कड़ी पर्यटकों को बेहद रोमांचित करती है। बादलों का मखमली स्पर्श पर्यटक कभी भूल नहीं पाते हैं।    शायद इसीलिए चंदेल हिल स्टेशन पर्यटकों का बेहद पसंदीदा पर्यटन क्षेत्र है। मखमली घास के विशाल मैदान एवं ढ़लान चंदेल की खासियत है। चौतरफा आैषधीय वनस्पतियों के सघन वन क्षेत्र अपनी विशिष्टता से चंदेल को काफी कुछ खास बना देते हैं। आैषधीय वनस्पतियों की सुगंध से चंदेल सदैव म...
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सूर्य मंदिर: विलक्षण एवं अद्भुत वास्तुशिल्प    सूर्य मंदिर रांची का वास्तुशिल्प विलक्षण एवं अद्भुत कहा जाना चाहिए। जी हां, सूर्य मंदिर का सौन्दर्य अतुलनीय है। शायद इसी लिए इस मंदिर को अद्भुत माना जाता है।     खास यह कि 18 शानदार पहियों पर विद्यमान मंदिर का वास्तुशिल्प अनूठा है। इस मंदिर को रथ पर विद्यमान किया गया है। जिससे इसकी दर्शनीयता अति सुन्दर हो जाती है। भारत के झारखण्ड की राजधानी रांची में स्थित यह सूर्य मंदिर अपनी विशिष्टता के कारण खास ख्याति रखता है।     उल्लेखनीय है कि भारत में सूर्य मंदिरों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है लेकिन रांची का सूर्य मंदिर काफी कुछ विशिष्ट है। जिससे इसकी विलक्षणता का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।    इस मंदिर को 18 पहियों एवं सात घोड़ों के रथ पर विद्यमान किया गया है। दौड़ते घोड़ों के इस रथ को देखना बेहद सुन्दर प्रतीत होता है।    ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे स्वर्ग से धरातल की ओर रथ दौड़ता चला आ रहा हो। दौड़ते रथ पर सूर्य मंदिर का विद्यमान होना काफी कुछ विलक्षण प्रत...
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नेेतरहाट: सौन्दर्य का अद्भुत संगम    नेतरहाट को प्राकृतिक सौन्दर्य का अद्भुत एवं विलक्षण संगम कहा जाना चाहिए। जी हां, नेतरहाट का प्राकृतिक सौन्दर्य अति दर्शनीय है। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे धरती पर स्वर्ग उतर आया हो।      भारत के झारखण्ड के लातेहार का यह शानदार एवं सुन्दर पर्यटन स्थल पर्यटकों का बेहद पसंदीदा क्षेत्र है। नेतरहाट वस्तुत: आदिवासी बाहुल्य इलाका है। लिहाजा पर्यटक यात्रा के दौरान आदिवासी संस्कृति का भी आनन्द ले सकते हैं।    आैषधीय वनस्पतियों से आच्छादित सघन वन क्षेत्र नेतरहाट की विशिष्टता है। लिहाजा नेतरहाट का इलाका आैषधीय वनस्पतियों की सुगंध से महकता रहता है। नेतरहाट का स्थानीयता में शाब्दिक अर्थ 'बांस का बाजार" होता है।     वस्तुत: देखेें तो प्रकृति ने नेतरहाट को बहुत ही खूबसूरती से सजाया है। समुद्र तल से करीब 3622 फुट की ऊंचाई पर स्थित नेतरहाट झारखण्ड का एक अति दर्शनीय पर्यटन क्षेत्र है।   झारखण्ड की राजधानी रांची से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित नेतरहाट अपने अद्भुत एवं विलक्षण...
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कोझीकोड बीच: रोमांचक एहसास    कोझीकोड बीच को प्रकृति का इन्द्रधनुषी आयाम कहा जाना चाहिए। कोझीकोड बीच शहरी भागदौड़ से पर्यटकों को एक शांत शीतल एवं मखमली स्पर्श का एहसास कराता है।     भारत के केरल के कालीकट का यह सुन्दर बीच देश दुनिया में खास प्रसिद्ध है। इसे केरल का एक आदर्श पर्यटन क्षेत्र माना जाता है। कोझीकोड बीच पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का लालित्य अति दर्शनीय होता है।     लिहाजा इस दर्शनीयता के लिए पर्यटकों का जमावड़ा लगता है। यूं कहें कि कोझीकोड बीच का सौन्दर्य पर्यटकों को लुभाता है तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। कोझीकोड बीच पर दक्षिण भारतीय संस्कृति पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।    अरब सागर का यह समुद्र तट पर्यटकों को रोमांचित कर देता है। अरब सागर की शानदार लहरों से खेलना, जलक्रीड़ा करना, बीच की लहरों में स्नान करना आदि इत्यादि पर्यटकों को रोमांच से भर देता है। समुद्री हवाओं का आनन्द लेना हो तो कोझीकोड बीच की यात्रा का प्लान कर सकते हैं।    कोझीकोड बीच की यात्रा केे साथ ही पर्...
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मांडवी बीच: अद्भुत एवं विलक्षण सौन्दर्य     मांडवी बीच का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण कहा जाना चाहिए। जी हां, इस समुद्र तट की सुन्दरता का कहीं कोई जोड़ नहीं है। शायद इसीलिए इसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है।     भारत के गुजरात के कच्छ का यह समुद्र तट वैश्विक पर्यटकों का बेहद पसंदीदा पर्यटन है। यहां की सागरतटीय सुन्दरता पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है। कच्छ शहर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित मांडवी बीच अपने विशिष्ट आकर्षण से पर्यटकों को खुद ब खुद खींच लेता है। समुद्र तटों के लिए कच्छ खास तौर से प्रसिद्ध है।     मांडवी बीच कच्छ का खास समुुद्र तट है। जलक्रीडा का आनन्द लेना हो या तैराकी का मजा लेना हो या फिर सैर सपाटा करना हो... मांडवी बीच बेहद सुन्दर है। कच्छ की संस्कृति भी गुजरात में सबसे अलग है। शायद इसीलिए मान्यता है कि कच्छ के बिना मांडवी की यात्रा अधूरी होगी।    गुजरात का जिला कच्छ अपनी विशिष्टताओं के लिए वैश्विक ख्याति रखता है। कच्छ का रण शायद इसी लिए प्रकृति का शानदार उपहार माना जाता है। मां...