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Showing posts from October, 2019
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त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर: धार्मिक वैभव    त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर का धार्मिक वैभव अति दर्शनीय है। इस दिव्य-भव्य मंदिर का वास्तुशिल्प भी विलक्षण एवं अद्भुत है।     त्रिपुरा सुन्दरी के इस शानदार दरबार में देश विदेश के श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। भारत के त्रिपुरा के उदयपुर में स्थित त्रिपुरा सुन्दरी का यह मंदिर 51 शक्तिपीठ में एक है।    त्रिपुरा के अगरतला से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर अपनी पौराणिकता एवं ऐतिहासिकता के लिए भी जाना एवं पहचाना जाता है।    मान्यता है कि सती के दाहिने पैर का अंगूठा इस स्थान पर गिरा था। लिहाजा त्रिपुरा सुन्दरी का यह स्थान शक्तिपीठ के तौर पर मान्य है। स्थापत्य कला के इस अनुपम सौन्दर्य की विशिष्टता की दर्शनीयता बेहद लुभावन है।    मान्यता है कि भगवान शिव की गोद में सती के शव को भगवान विष्णु ने चक्र से 51 भागों में विभक्त कर दिया था। सती शव के भाग भारत के विभिन्न हिस्सों में गिरे थेे। विशेषज्ञों की मानें तो माता सती के पैर की अंगुलियों के निशान अभी भी मौजूद ...
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पापिकोंडालु हिल स्टेशन : मैजिक आफ टूरिज्म    पापिकोंडालु हिल स्टेशन के प्राकृतिक सौन्दर्य को मैजिक ऑफ टूरिज्म कहा जाना चाहिए। जी हां, पापिकोंडालु हिल स्टेशन के प्राकृतिक सौन्दर्य में एक अद्भुत एवं विलक्षण सम्मोहन है।     यह सम्मोहन देश विदेेश के पर्यटकों को स्वत: आकर्षित करता है। भारत के आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में स्थित यह शानदार पर्यटन बेहद आकर्षक है। राजमुंदरी से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित पापिकोंडालु हिल स्टेशन वस्तुत: नदियों, झीलों-झरनों एवं पहाड़ों-वादियों का इलाका हैै।     गोदावरी नदी के किनारे स्थित यह शानदार हिल स्टेशन चौतरफा मखमली पहाड़ियों एवं वादियों से घिरा है। गोदावरी नदी का प्राकृतिक सौन्दर्य पापिकोंडालु हिल स्टेशन को अति दर्शनीय बना देता है। आैषधीय वनस्पतियों के सघन वन क्षेत्र पापिकोंडालु हिल स्टेशन की शान एवं शोभा हैं।    वस्तुत: इस शानदार हिल स्टेशन को वर्षा क्षेत्र माना जाता है। हालांकि इस शानदार हिल स्टेशन के एक हिस्से को अभयारण्य घोषित किया गया है।   लिहाजा पर्यटक वन्य ज...
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मेघालय : अतुलनीय सौन्दर्य, बादलों से दोस्ती    प्राकृतिक सम्पदाओं की धरती मेघालय को भारतीय पर्यटन का ताज कहा जाना चाहिए। मेघालय भले ही भारत का एक अति लघुतम प्रांत हो लेकिन आैषधीय वनस्पतियों से लेकर प्राकृतिक सम्पदाओं का अति धनी है।     ऊंचे पर्वतमालाओं के मध्य रचा-बसा मेघालय अति दर्शनीय है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का यह सुन्दर प्रांत मेघालय वस्तुत: एक पर्वतीय राज्य है। आैषधीय वनस्पतियों से अति समृद्ध होने के कारण मेघालय का शानदार एवं सुन्दर परिवेश हमेशा सुगंध से महकता रहता है।   चौतरफा पर्वतमालाओं का प्राकृतिक सौन्दर्य मेघालय को काफी कुछ विशिष्ट बना देता है। मेघालय की राजधानी शिलांग ऊंचे पर्वत शिखर पर रचा-बसा एक शानदार एवंं सुन्दर शहर है। जयन्तिया पर्वत या जयन्तिया हिल स्टेशन मेघालय की शान एवं शोभा है।    वस्तुत: जयन्तिया पर्वत एवं गारो पर्वत श्रंखलाओं का समन्वित स्वरूप ही मेघालय को अस्तित्व प्रदान करता है। मेघालय का नैसर्गिक सौन्दर्य अति दर्शनीय एवं लुभावना होता है। प्रकृति के इस सौन्दर्य पर पर्यटक मुग्ध हो ...
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चार्लकुन्नू हिल स्टेशन : धरती का स्वप्नलोक    चार्लकुन्नू हिल स्टेशन को धरती पर एक शानदार स्वप्नलोक कहा जाना चाहिए। जी हां, चार्लकुन्नू हिल स्टेशन का प्राकृतिक सौन्दर्य किसी को मुग्ध कर लेता है।     नवविवाहित युवक-युवतियों के हनीमून के लिए इसे सबसे बेहतरीन पर्यटन माना जाता है। चाय-कॉफी के बागानों की शानदार श्रंृखला चार्लकुन्नू हिल स्टेशन की शोभा एवं शान है।    भारत के केरल के पठानमथिट्टा का यह हिल स्टेशन काफी कुछ विशिष्टताएं रखता है। चाय-कॉफी एवं इलायची के बागान की सुगंध परिवेश को हमेशा खुशगवार बनाये रखती है।    केरल के पहाड़ों की गोद का यह शानदार हिल स्टेशन प्राकृतिक सौन्दर्य की अतुलनीय आभा से वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करता है।     चाय-कॉफी के सुन्दर बागान अति दर्शनीय प्रतीत होते हैं। पम्पा नदी के तट पर स्थित चार्लकुन्नू हिल स्टेशन बेहद सुरम्य एवं मोहक है। इसका अनुपम सौन्दर्य देख कर इसे पहाड़ों की रानी भी कहा जा सकता है। चौतरफा पर्वत श्रंृखलाओं वाला यह इलाका आैषधीय वनस्पतियों से आच्छादित है...
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पदन्ना बैकवाटर्स : आनन्द की रोमांचक अनुभूति    पदन्ना बैकवाटर्स को रोमांटिक पर्यटन कहा जाना चाहिए। जी हां, पदन्ना बैकवाटर्स का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है।     लिहाजा पदन्ना का प्राकृतिक सौन्दर्य वैश्विक पर्यटकों को स्वत: आकर्षित करता है। भारत के केरल प्रांत के कासरगोड का यह शानदार बैकवाटर्स वैश्विक ख्याति रखता है। पदन्ना बैकवाटर्स एक शानदार स्वप्नलोक सा प्रतीत होता है। इसे केरल का बैकवाटर्स गेटवे भी कहा जा सकता है।    केरल के उत्तरी इलाके में स्थित पदन्ना बैकवाटर्स के चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर लेती है। केरल के उत्तरी क्षेत्र में स्थित पदन्ना बैकवाटर्स बेहद रोमांटिक माना जाता है। पदन्ना बैकवाटर्स पर पर्यटक नौकायन के साथ रॉफ्टिंग का भी भरपूर आनन्द ले सकते हैं।   हाउसबोट में विश्राम करना, हाउसबोट में सवार होकर पदन्ना बैकवाटर्स का सफर करना पर्यटकों को रोमांच की एक शानदार अनुभूति कराता है। प्राकृतिक आैषधीय वनस्पतियां पदन्ना बैकवाटर्स का आकर्षण, शान एवं शोभा हैं।...