त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर: धार्मिक वैभव त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर का धार्मिक वैभव अति दर्शनीय है। इस दिव्य-भव्य मंदिर का वास्तुशिल्प भी विलक्षण एवं अद्भुत है। त्रिपुरा सुन्दरी के इस शानदार दरबार में देश विदेश के श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। भारत के त्रिपुरा के उदयपुर में स्थित त्रिपुरा सुन्दरी का यह मंदिर 51 शक्तिपीठ में एक है। त्रिपुरा के अगरतला से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर अपनी पौराणिकता एवं ऐतिहासिकता के लिए भी जाना एवं पहचाना जाता है। मान्यता है कि सती के दाहिने पैर का अंगूठा इस स्थान पर गिरा था। लिहाजा त्रिपुरा सुन्दरी का यह स्थान शक्तिपीठ के तौर पर मान्य है। स्थापत्य कला के इस अनुपम सौन्दर्य की विशिष्टता की दर्शनीयता बेहद लुभावन है। मान्यता है कि भगवान शिव की गोद में सती के शव को भगवान विष्णु ने चक्र से 51 भागों में विभक्त कर दिया था। सती शव के भाग भारत के विभिन्न हिस्सों में गिरे थेे। विशेषज्ञों की मानें तो माता सती के पैर की अंगुलियों के निशान अभी भी मौजूद ...