ब्लू होल : मनोरंजकता में भी खतरा
'सौन्दर्य शास्त्र" का कथ्यात्मक तथ्यात्मक आलोक निश्चय ही किसी को भी
लुभाने में समर्थ कहा जाएगा। प्राकृतिक सौन्दर्य जहां एक ओर मन-मस्तिष्क को
प्रफुल्लित करता है तो वहीं इसमें खतरे भी कम नहीं। लाल सागर मिरुा तट पर
प्राकृतिक सौन्दर्य का नायाब स्थल है।
इस
स्थल को ब्लू होल के नाम से दुनिया में जाना-पहचाना जाता है। गोताखोर
समुदाय का यह एक अति पसंदीदा स्थल है लेकिन ब्लू होल गोताखोरों के लिए बेहद
खतरनाक भी माना जाता है।
देश दुनिया के तमाम पर्यटक इस स्थल पर गोतोखोरी देखने जाते हैं। इसे
'दुनिया के सबसे खतरनाक गोता स्थल" व 'गोताखोर के कब्रिास्तान" के तौर भी
जाना जाता है।
करीब सौ मीटर गहराई वाले इस ब्लू होल में करीब तीस मीटर लम्बी सुरंग भी
है। हालांकि इसका प्रवेश स्थल करीब छह मीटर चौडा़ई वाला है। सुरंग को कट्टर
के रुप में जाना जाता है।
इस इलाके में मंूगा व चट्टानी मछली की उपलब्धता बहुतायत में है। मिरुा
शासन ने इस स्थल पर खास तौर से गाइड्स व प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए हैं
जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि मनोरंजक
ड्राइविंंग के लिए बड़ी तादाद में गोताखोर यहां आते हैं। विशेषज्ञों की
मानें तो अति गहराई में नाइट्रोजन रसायन का प्रभाव मिलता है।
नाइट्रोजन का प्रभाव गोताखोरों के लिए बेहद खतरनाक होता है क्योंकि
इससे गोताखोरों में शराब का नशा जैसा होने लगता है। नशा का प्रभाव शरीर में
होते ही गोताखोरों का फिर बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में
गोताखोर की मौत हो जाती है।
ब्लू होल बेहद आकर्षक अर्थात मेहराब जैसा काफी कुछ प्रतीत होता है।
ब्लू होल की गहराई में धीरे-धीरे गैसों के मिश्रित प्रभाव से गोताखोर को
नींद आने लगती है। बस गोताखोरों की मौत के यही कारण होते हैं। हालांकि
शासकीय गाइड्स निश्चित सीमा से अधिक आगे जाने के इजाजत नहीं देते हैं।
फिर भी गोताखोर जोश व मनोरंजकता में निश्चित दायरे से कहीं आगे बढ़
जाते हैं। जिससे हादसे हो जाते है। मिरुा के शासकीय अफसरों की मानें तो अब
तक सौ से अधिक गोताखोर मौत का शिकार हो चुके हैं। मौतों को देख कर मिरुा
शासन ने एहतिहाती उपाय किए हैं।
ऐसा नहीं कि इस क्षेत्र में जीवाश्म (जीव-जन्तु) भी बड़ी तादाद में पाए
जाते हैं। मगरमच्छ व कछुओं की तादाद कहीं अधिक होती है। इस क्षेत्र में
रसायनिक पदार्थों की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में है। खास बात यह है कि
ब्लू होल का जल कहीं मीठा तो कहीं खारा है।

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