गोपालपुर : समुद्र तटीय शहर का आनन्द
समुद्री तट का रोमांचक आनन्द लेना हो तो गोपालपुर की यात्रा अवश्य करें।
जी हां, गोपालपुर समुद्री सौन्दर्य का खजाना कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न
होगी।
भारत के उड़ीसा के दक्षिणी इलाके का गोपालपुर वस्तुत: समुद्र तटीय शहर है।
बंगाल की खाड़ी से ताल्लुक रखने वाला गोपालपुर अपने खास प्राकृतिक सौन्दर्य
के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है। खास यह कि उड़ीसा के तीन प्रमुख पर्यटन
स्थलों में गोपालपुर पर्यटकों को खास तौर से पसंद है।
बहरामपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित गोपालपुर वस्तुत: बैकवाटर्स का
भरपूर आनन्द प्रदान करता है। उड़ीसा का बंदरगाह पर्यटन का मुख्य आकर्षण है।
मछली का शिकार करने के लिए खास तौर से प्रसिद्ध गोपालपुर ने शनै:-शनै: एक
अति दर्शनीय पर्यटन का स्वरूप धारण कर लिया।
ब्रिटिश हुकूमत ने एक छोटे से गांव से गोपालपुर के भाग्य को ही बदल दिया।
आंध्र प्रदेश के निकट स्थित उड़ीसा के इस शहर को खास तौर से पर्यटन के लिए
जाना एवं पहचाना जाता है। विशाल समुद्र तट गोपालपुर के मुख्य आकर्षण हैं।
गोपालपुर को धर्म, आध्यात्म, पौराणिकता एवं ऐतिहासिक महत्व के साथ ही
समुद्र तट के प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए दुनिया में खास मुकाम हासिल है।
गोपालपुर में असंख्य धार्मिक स्थान हैं तो वहीं जीवन शैली में एक अलग ही
संस्कृति के दर्शन होते हैं।
गोपालपुर के मुख्य आकर्षण में माता तारा तारिणी हिल श्राइन, बाला कुमारी
मंदिर, श्री सिद्ध विनायक पीठ आदि इत्यादि शामिल हैं। गोपालपुर के आकर्षक
समुद्र तट में सोनेपुर तट, आर्यापल्ली तट एवं गोपालपुर तट आदि इत्यादि
हैं।
गोपालपुर यात्रा के दौरान पर्यटक विलेज टूरिज्म का भी आनन्द ले सकते हैं।
गोपालपुर के आकर्षक गांव पंचामा एवं बालीपादर आदि इत्यादि गांव हैं।
हालांकि यह गांव गोपालपुर के पड़ोसी गांव हैं लेकिन पर्यटक इन गांव की
यात्रा कर विलेज टूरिज्म का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।
सातापाड़ा वन्य जीव अभयारण्य एवं बानकेश्वरी आदि इत्यादि भी गोपालपुर के
मुख्य आकर्षण हैं। शापिंंग के शौकीन पर्यटक गोपालपुर में भरपूर आनन्द ले
सकते हैं। समुद्री सीपियों से सृजित हस्तशिल्प कलाकृतियां गोपालपुर की
विशेषता है। गोपालपुर की सिल्क की साड़ियां भी विशेष होती हैं।
गोपालपुर का समुद्री सीपियों से बना हस्तशिल्प अति सुन्दर एवं दर्शनीय
होता है। लिहाजा पर्यटक गोपालपुर में शापिंग का शौक पूरा कर सकते हैं।
हालांकि गोपालपुर का मौसम सदैव बेहतरीन रहता है। फिर भी गोपालपुर की यात्रा
अक्टूबर से अप्रैल की अवधि में करनी चाहिए। इस अवधि में प्रकृति का सुन्दर
परिदृश्य मुग्ध कर लेगा।
खास यह कि गोपालपुर में प्राकृतिक सौन्दर्य का हर रंग विद्यमान है। लिहाजा
पर्यटक यहां के सौन्दर्य पर मुग्ध हो जाते हैं। पर्यटक समुद्र तट पर सन
बाथ का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। पर्यटक समुद्र तट पर घुडसवारी का भी आनन्द
ले सकते हैं। निश्चय ही गोपालपुर के समुद्र तट पर्यटकों को एक नई ऊर्जा से
भर देंगे।
ताप्तापानी वॉटर फॉल्स: ताप्तापानी वॉटर फॉल्स गोपालपुर पर्यटन का मुख्य
आकर्षण है। इसका शाब्दिक अर्थ है उबलता पानी। बहरामपुर से करीब 50 किलोमीटर
दूर स्थित ताप्तापानी एक गर्म पानी का रुाोत है। सल्फर युक्त ताप्तापानी
के जल को आैषधीय गुणों से अति समृद्ध माना जाता है। विश्वास है कि इस जल
में स्नान करने से त्वचा रोग का निदान हो जाता है।
आर्यापल्ली तट: आर्यापल्ली तट गोपालपुर का एक मुख्य आकर्षण है। इस स्थान
से सूर्यास्त एवं सूर्योदय का प्राकृतिक सौन्दर्य अति दर्शनीय होता है।
बेहद निराली छटा मुग्ध कर लेती है। आर्यापल्ली तट का आकर्षण पर्यटकों को
शांत एवं शीतल सुकून प्रदान करता है।
माता तारा तारिणी हिल श्राइन: माता तारा तारिणी हिल श्राइन उड़ीसा का मुख्य
धार्मिक स्थान है। माता तारा का यह सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है।
कुमारी हिल्स पर स्थित यह दिव्य-भव्य मंदिर ऋषिकुल्या नदी के तट पर
विद्यमान है। यह स्थान गोपालपुर से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
बहरामपुर से तारा देवी मंदिर की दूरी करीब 13 किलोमीटर है। वस्तुत: यह
मंदिर दो देवियों को समर्पित है। गर्भगृह में माता तारा एवं माता तारिणी की
प्रतिमाएं प्राण प्रतिष्ठापित हैं। देवियों को आदिशक्ति का स्वरूप माना
जाता है।
गोपालपुर की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट
बीजू पटनायक इण्टरनेशनल एयरपोर्ट भुवनेश्वर है। निकटतम रेलवे स्टेशन
बहरामपुर जंक्शन है। बहरामपुर जंक्शन से गोपालपुर की दूरी करीब 15 किलोमीटर
है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी गोपालपुर की यात्रा कर सकते हैं।
19.259900,84.901200
19.259900,84.901200











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