नासिक : धार्मिक पर्यटन
नासिक को सुन्दर एवं श्रेष्ठतम धार्मिक पर्यटन कहा जाना चाहिए। हालांकि यह
हिन्दुओं का एक अति पवित्र महातीर्थ है। इसे भगवान शिव एवं श्री राम की
स्थली भी मान सकते हैं।
कारण नासिक में पंचवटी है तो वहीं ज्योतिर्लिंग त्रयम्बकेश्वर भी है।
पवित्र गोदावरी नदी के तट पर विद्यमान नासिक भारत का गौरब भी है। भारत के
महाराष्ट्र का शहर नासिक अपने धार्मिक एवं गौरवशाली इतिहास के लिए भी जाना
पहचाना जाता है। महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिम में स्थित नासिक धर्म परायण
शहर की ख्याति रखता है।
पवित्र गोदावरी नदी के तट पर स्थित नासिक का मुख्य आकर्षण गोदावरी नदी
एवंं पंचवटी है। समुद्र तल से करीब 565 मीटर की ऊंचाई से लेकर 700 मीटर की
ऊंचाई तक रचा-बसा नासिक अपने प्राकृतिक सौन्दर्य एवं स्थापत्य कला के लिए
भी जाना पहचाना जाता है। आस्था एवं विश्वास का यह शहर वैश्विक ख्याति रखता
है।
नासिक का मुख्य आकर्षण सिंहस्थ कुंभ होता है। प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित
होने वाला सिंहस्थ कुंभ की वैश्विक ख्याति है। कुंभ पर्व का आयोजन देश के
मुख्य चार शहरों में होता है।
इनमें नासिक, इलाहाबाद, उज्जैन एवं हरिद्वार हैं। इलाहाबाद का कुंभ सबसे
बड़ा उत्सव होता है। इस धर्म उत्सव में भारत के श्रद्धालुओं के साथ साथ
दुनिया के श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल होते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि पवित्र गोदावरी में सिंहस्थ कुंभ में स्नान करने से
आत्मा शुद्ध होती है। साथ ही पापों से मुक्ति मिलती है। महाशिवरात्रि का
पर्व भी यहां अति धूमधाम से मनाया जाता है।
गोदावरी नदी के तट एवं घाटों का सौन्दर्य देखते ही बनता है। नासिक में
धार्मिक एवं आकर्षक स्थानोें की एक लम्बी श्रंृखला विद्यमान है।
पंचवटी: पंचवटी नासिक के उत्तर दिशा में स्थित है। मान्यता है कि भगवान
श्री राम, सीता, लक्ष्मण ने कुछ समय तक पंचवटी में प्रवास किया था। इसी
कारण से पंचवटी दर्शनीय एवं प्रसिद्ध है। पंचवटी के पांच बरगद के वृक्ष भी
खास हैं। मान्यता है कि इसी स्थान पर रावण ने माता सीता का अपहरण किया था।
सीता गुम्फा: सीता गुम्फा भी पंचवटी का एक हिस्सा है। गुम्फा का शाब्दिक
अर्थ गुफा है। पांच बरगद के पेड़ों के निकट स्थित इस गुफा में प्रवेश
सीढ़ियों के रास्ते करना पड़ता है।
सुन्दर नारायण मंदिर: सुन्दर नारायण मंदिर स्थापत्य कला का शानदार अलंकरण है। यह शानदार दिव्य-भव्य मंदिर नासिक में अहिल्या बाई होल्कर सेतु के किनारे स्थित है। इस मंदिर की स्थापना गंगाधर यशवंत चन्द्रचूड ने 1756 में की थी। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। भगवान विष्णु को सुन्दर नारायण के नाम से भी जाना जाता है।
सुन्दर नारायण मंदिर: सुन्दर नारायण मंदिर स्थापत्य कला का शानदार अलंकरण है। यह शानदार दिव्य-भव्य मंदिर नासिक में अहिल्या बाई होल्कर सेतु के किनारे स्थित है। इस मंदिर की स्थापना गंगाधर यशवंत चन्द्रचूड ने 1756 में की थी। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। भगवान विष्णु को सुन्दर नारायण के नाम से भी जाना जाता है।
मुक्ति धाम: मुक्ति धाम भी नासिक एक खास आकर्षण है। हिन्दुओं के सभी देवी
देवता इस मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित हैं। श्रद्धालु मुक्ति धाम में द्वादश
ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन कर सकते हैं।
मोदाकेश्वर गणेश मंदिर: मोदाकेश्वर गणेश मंदिर नासिक के मुख्य आकर्षण एवं
धार्मिक स्थानों में से एक है। मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित मूर्ति
स्वयं प्राकृट्य है।
इसे शम्भू के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। महाराष्ट्र का सबसे मीठा
व्यंजन मोदक ही माना जाता है। यहां का नारियल एवं गुड़ के शानदार मिश्रण से
बनने वाला मोदक बेहद प्रसिद्ध है।
रामकुण्ड: रामकुण्ड वस्तुत: गोदावरी नदी का प्रसिद्ध घाट है। मान्यता है कि भगवान राम ने पंचवटी आने पर इसी स्थान पर स्नान किया था। लिहाजा इसे रामकुण्ड के नाम से जाना जाता है।
कालाराम मंदिर: कालाराम मंदिर नासिक में गोदावरी नदी के निकट पंचवटी में
स्थित दिव्य-भव्य मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण गोपिका बाई पेशवा ने 1794
में कराया था।
हेमाडपंती शैली के इस मंदिर भगवान श्री राम की श्याम प्रतिमा स्थापित है।
इस मंदिर की वास्तुकला अति दर्शनीय है। खास यह कि इस मंदिर की वास्तुकला
ज्योतिर्लिंग त्रयंबकेश्वर मंदिर की भांति है। मंदिर का निर्माण काले
पत्थरों से किया गया है।
शिरडी मंदिर: शिरडी मंदिर एक पवित्र एवं धार्मिक स्थान है। शिरडी जिला
अहमद नगर का एक छोटा सा गांव है। यह मंदिर वस्तुत: साई बाबा को समर्पित
स्थान है। यह मंदिर अद्भुत चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है।
सोमेश्वर महादेव मंदिर: सोमेश्वर महादेव मंदिर वस्तुत: नासिक के अति
प्राचीन मंदिरों में से एक है। मंदिर में भगवान सोमेश्वर अर्र्थात शिव जी
की प्रतिमा प्रतिष्ठापित है। नासिक से करीब 6 किलोमीटर दूर यह मंदिर
गंगापुर रोड पर स्थित है।
नासिक की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट
मुम्बई इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। मुम्बई एयरपोर्ट से नासिक की दूरी करीब 167
किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन नासिक जंक्शन है। पर्यटक या श्रद्धालु
सड़क मार्ग से भी नासिक की यात्रा कर सकते हैं।
20.000530,73.782707
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